बारिश के मौसम में खतरे की जद में आ सकते हैं गांव के 12 से अधिक मकान
ग्रामीणों ने प्रशासन से उठाई समय रहते सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग
महेंद्र सिंह पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी का दुर्गम शुगाड़ गांव खतरे की जद में है। बीती बरसात के दौरान गांव के पीछे की पहाड़ी में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इससे आने वाली बारिश में गांव के 12 से अधिक मकान खतरे में पड़ सकते हैं। ग्रामीण प्रशासन से समय रहते ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीती बरसात के दौरान क्षेत्र में काफी ज्यादा स्थानों में भूस्खलन हुआ है। अब ग्रामीणों ने पहाड़ी पर जाकर देखा तो यहां काफी बड़े क्षेत्र में दरारें आ गई हैं। इससे काफी बड़ा हिस्सा गांव की ओर गिरने वाला है। इससे आने वाली बरसात को लेकर लोगों में चिंता है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन को पहले भी क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। इससे पहले गांव के आगे बह रहे नाला ने भी भूमि कटाव किया है। इससे भी खतरा पैदा हो गया है लेकिन पहाड़ी में आईं दरारों ने चिंता को और बढ़ा दिया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात आने से पहले क्षेत्र का अध्ययन कर इसके लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएं।
शुगाड़ गांव में 12 मकान हैं। गांव के ठीक ऊपर की पहाड़ी में काफी बड़ी दरारें आ गई हैं। ये आने वाले समय के लिए गांव पर खतरा बनी हुई हैं। इसको लेकर प्रशासन जल्द कोई उचित कदम उठाए। -राम चंद, शुगाड़
बरसात से क्षेत्र में हुए नुकसान को देखते हुए आने वाले समय में इस तरह का नुकसान न हो, इसके लिए प्रशासन को समय रहते उचित कदम उठाने चाहिए जिससे बरसात के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। -श्भाग चंद, पूर्व प्रधान पंचायत गाड़ापारली