ढालपुर में दोपहर 1:10 मिनट पर ढालपुर मैदान में पहुंची। सभी परंपराओं का निर्वहन करने के बाद भगवान रघुनाथ की रथ 2:01 बजे रथयात्रा शुरू हुई। बारिश के बाद 2: 13 बजे भगवान रघुनाथ अस्थायी शिविर में पहुंचे। अस्थायी शिविर में पहुंचने के बाद पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार ने गुलाल फेंका। इसके बाद पुजारियों ने भी परंपरा निभाई। कुल्लू में गुलाल फेंकने के साथ 40 दिन पहले ही होली का आगाज हो गया है।
वहीं देव परंपरा का निर्वहन करने के बाद भगवान रघुनाथ अपने देवालय के लिए रवाना हुए। खास बात यह रही कि दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का हौंसला कम नहीं हुआ। बारिश के बाद भगवान रघुनाथ के समक्ष शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान के प्रति लोगों की आस्था है। बारिश के बावजूद लोग काफी अधिक संख्या में आए हैं। वसंत पंचमी में सभी परंपराओं का निर्वहन किया गया।