बेलगाम राफ्टिंग-पैराग्लाइडिंग पर नकेल कसने का मसौदा तैयार
पायलट, संचालक के होंगे ड्रग टेस्ट, औचक ड्रग टेस्ट की व्यवस्था
साइटों पर लगाने हाेंगे क्या करें और क्या न करें के बोर्ड : उपायुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पैराग्लाइडिंग साइटों पर सुरक्षा मानदंडों का सख्ती से पालन करना होगा। साइटों पर क्या करें और क्या न करें के बोर्ड लगाने होंगे। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत आधिकारिक तौर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य रहेगा।
यह बात शुक्रवार को उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कही। उन्होंने साहसिक गतिविधियों (एयरो स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग एवं अन्य) की समीक्षा की। इसमें बेलगाम पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पर नकेल कसने का मसौदा तैयार किया गया। उपायुक्त ने नेशनल हाईवे के किनारे लगे अवैध और अतिरिक्त काउंटरों को तुरंत हटाने के आदेश दिए। बुकिंग के लिए केवल सिंगल काउंटर सिस्टम ही मान्य होगा। ऑपरेटरों के लिए ड्रग डोप टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट जमा करवाना अनिवार्य रहेगा।
रिवर राफ्टिंग संबंधी गतिविधियों के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के पूर्ण अनुपालन की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि हर स्ट्रेच पर राफ्टिंग गतिविधियों का उचित रिकॉर्ड बनाए रखना और प्रतिदिन की गतिविधियों का ब्योरा देना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने विशेष रूप से मनाली और अन्य क्षेत्रों में चल रहीं ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी एसोसिएशनों को सेल्फ-रेगुलेशन और सरकारी नियमों के भीतर रहकर कार्य करना होगा। डाटा और पारदर्शिता रखते हुए सभी एसोसिएशनों को अब आवश्यक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा जिसमें मासिक कुल राइड्स और आने वाले पर्यटकों का पूरा डाटा रखना होगा। पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए नए सुरक्षा मानक तय हैं। सूर्यास्त या अंधेरा होने के बाद किसी भी साहसिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। ऑपरेटरों और पायलटों का औचक ड्रग टेस्ट किया जाएगा।