कुल्लू। वीकेंड पर जिला कुल्लू के पर्यटन स्थलों में उमड़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सबसे ज्यादा परेशानी एनएच-305 पर हुई। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के आगे 14 साल पुराना सिंगल लेन हाईवे छोटा पड़ गया। वर्ष 2012 में अधिसूचित इस मार्ग पर आज तक डबललेन का काम पूरा नहीं हो सका है। औट से लेकर बंजार तक सड़क की हालत भी खस्ताहाल है। गड्ढों, टूटे डंगों और संकरे मार्ग के कारण जाम के साथ वाहन चालकों की परेशानी बढ़ रही है।
एनएच-305 को डबललेन करने के लिए एनएच अथॉरिटी ने डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी है लेकिन मंजूरी नहीं मिलने से 97 किलोमीटर लंबे हाईवे का विस्तारीकरण नहीं हो रहा है। एनएच को बने डेढ़ दशक होने को है लेकिन अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है। हालांकि, हाईवे की हालत को 2025 की आपदा ने और भी बिगाड़ कर रख दिया है। ऐसे में हाईवे-305 का डबललेन होना समय की भी मांग है। खासकर पिछले पांच से छह वर्षों से बंजार घाटी पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही है। यहां सालाना चार से पांच लाख सैलानी पहुंच रहे हैं। पिछले वीकेंड की बात करें तो सैलानियों की उमड़ी भारी भीड़ के चलते तीन दिन हाईवे-305 सुबह से लेकर देर रात तक जाम रहा। निगम की बसें सात से नौ घंटे देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचीं। इसमें आम लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशान होना पड़ा। पर्यटन कारोबारी राजेंद्र प्रकाश, ललित कुमार, रोहित साहसी, भीम राजपूत, किशोरी लाल, बालकृष्ण और सुनील ठाकुर ने कहा कि सरकार ने औट-बंजार-सैंज मार्ग को हाईवे-305 का दर्जा तो दे दिया है, लेकिन 14 साल से अभी कोई भी काम नहीं हुआ है जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार को इस प्रोजेक्ट को गंभीरता लेना चाहिए और जल्द डीपीआर को मंजूरी दी जानी चाहिए। एनएच के अधिशासी अभियंता केएल सुमन ने कहा कि हाईवे की डीपीआर केंद्र को मंजूरी के लिए भेजी है।
पहले भी हो चुका है सर्वे
सबसे पहले हाईवे को डबल लेन करने के लिए मुंबई की ध्रुव कंसलटेंसी कंपनी ने फरवरी 2014 में औट-आनी-सैंज हाईवे-305 का सर्वे किया था लेकिन इसको मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद एल्टीनॉक कपंनी ने 2023 में जलोड़ी टनल और हाईवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी है।
इसलिए जरूरी है हाईवे का विस्तारीकरण
97 किलोमीटर लंबा औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 न केवल बाह्य सराज की 69 पंचायतों की 1.30 लाख आबादी को जिला मुख्यालय को जोड़ता है बल्कि इस हाईवे से किन्नौर, स्पीति, शिमला सहित मंडी के लोग भी आवाजाही करते हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी यह मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। इसी हाईवे से सैलानी बंजार की तीर्थन घाटी के साथ जीभी, सोझा, बाहू, गाडागुशैणी, जलोड़ी दर्रा, सरयोलसर झील, टकरासी, रघुपुरगढ़ घूमने के लिए पहुंचते हैं। सड़क के डबललेन बनने से बाह्य सराज के साथ चार जिलों के लोगों के साथ पर्यटकों का आवागमन आसान होगा। साथ ही घाटी के अनछुए पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने में मदद मिलेगी।
हाईवे-305 की हालत से पर्यटन के साथ आम लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है। यह समस्या एक-दो माह की नहीं बल्कि पूरे वर्षभर की है। प्रदेश और केंद्र सरकार को इस प्रोजेक्ट को जल्द धरातल पर उतारना चाहिए। 14 साल से हाईवे बेहतर होने के बजाय और भी बदहाल हो गया है। -सुनील ठाकुर, पर्यटन कारोबारी
औट से जलोड़ी दर्रा तक भले ही एनएच अथॉरिटी ने 50 फीसदी टारिंग कर दी है, लेकिन टारिंग से समस्या दूर नहीं होती। इससे पर्यटकों सहित आम लोगों को गड्ढों से राहत मिलेगी, लेकिन हाईवे सिंगल लेन होने से जाम से छुटकारा नहीं मिलेगा। ऐसे में हाईवे का विस्तारीकरण जरूरी है।
-राजेंद्र प्रकाश, अध्यक्ष सोझा पर्यटन विकास संघ