कुल्लू में देव संस्कृति चेरिटेबल के मैनेजिंग ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा जानकारी देते हुए।-संवाद
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कुल्लू। देवी-देवताओं की जमीनों को वापस देवताओं के नाम किए जाने को लेकर देव संस्कृति चैरिटेवल ट्रस्ट की मुहिम रंग लाने लगी है।
देव संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि कुल्लू जिला के 365 देवी-देवताओं की 84,000 बीघा जमीन काश्तकारों के नाम में चली गई। इसको लेकर हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी जा रही है। 27 सितंबर को केस पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिले के 365 कारदारों को नोटिस जारी किया है।
इसके तहत कारदारों को अब 15 नवंबर को पूरा ब्योरा उच्च न्यायालय में देना होगा। देवता के पास कितनी जमीन है और कितने उसके पास कारिंदे हैं। देवताओं के बारे में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
देव संस्कृति वैसी ही रहनी चाहिए, जैसे यह पहले थी। देव नीति की आड़ में कुछ लोग राजनीति करते हैं। देव नीति में राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। देवनीति को राजनीति से दूर रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला के अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ 1,938 बीघा जमीन के मालिक थे। उनके पास 296 मजारे हैं। निरमंड की अंबिका माता के पास 4,000 बीघा जमीन है। ओम प्रकाश ने कहा कि मध्य प्रदेश में मंदिरों की 21,000 रजिस्टरी को हाईकोई ने रद्द किया है। उन्होंने कहा कि जिस मुहिम को छेड़ा गया है उसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।