रोहतांग दर्रे में बर्फ के बीच मस्ती करते सैलानी।
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चार दिनों से कुल्लू और लाहौल की पहाड़ियों में बर्फबारी का दौर जारी रहने से घाटी शीतलहर की चपेट आ गई है। जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला और इसके आसपास इलाकों के साथ लाहौल क्षेत्र में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। वीरवार रात को जिला के चोटियों में भारी हिमपात हुआ है। रोहतांग दर्रा में रिकार्ड 90 सेंटीमीमीटर, सोलंगनाला में 20 सेंटीमीटर, कोकसर में 30 सेंटीमीटर, जलोड़ी दर्रा में 45 सेंटीमीटर और पर्यटन नगरी मनाली के आसपास क्षेत्रों में आठ सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिला में कई सड़क मार्ग प्रभावित हो गए हैं। कुल्लू-मलाणा के साथ बंजार-छतरी, बंजार-गाड़ागुशैणी, हाईवे-305 अब घियागी से आगे बंद हो गया है।
जिला मुख्यालय से बाह्य सराज की ओर जाने वाली करीब एक दर्जन बसों को पहिए थम गए है। वहीं, मौसम की मार से खनाग-रोहाचला, औट-शैंशर, कुल्लू-ब्यासर, कुल्लू-जाणा आदि सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। घाटी में लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी से घाटी का जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। बर्फबारी से जिला के करीब 500 गांव मार्च माह में हुए हिमपात की चपेट में आ गए हैं। तीर्थन, सैंज, लगवैली, तीन बंजार की कोठी, खराहल, ऊझी घाटी तथा बाह्य सराज के गांव भी बर्फ की चांदी से सफेद हो गए है। डीसी कुल्लू युनूस ने लोगों से मौसम को भांपकर ही संवेदनशील इलाकों की ओर रूख करने को कहा है। उन्होंने कहा कि घाटी के कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई और मौसम खुलने पर इन क्षेत्रों में हिमस्खलन गिरने का खतरा रहता है।
कोकसर लाहौल-स्पीति लाहौल घाटी के रिहायशी इलाकों में भी चार दिनों से बर्फबारी की सूचना है। जिसके चलते मार्च में भी शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले चार दिनों से मुख्यालय केलांग समेत तोद घाटी, चंद्रा घाटी, पटन घाटी सहित स्पीति के लोसर में भी रूक-रूक कर बर्फबारी का क्रम जारी है। बर्फबारी से बीआरओ और लोक निर्माण विभाग को संपर्क मार्ग बहाल करने में बाधा आ रही है। सिस्सू से मान सिंह रावत ने बताया कि बर्फबारी के बावजूद घाटी में बिजली और मोबाइल सुविधा बहाल रहने से लोगों को राहत मिली है। बीती रात से सिस्सू और लगते क्षेत्र में एक फुट से अधिक बर्फ गिरी है। वहीं पर केलांग का तापमान शून्य से 5.2 डिग्री नीचे चला गया।