लाहौल में हालड़ा उत्सव के दौरान मॅशाल लेकर लाहौलवासी।-संवाद
सालों बाद गाहर और पट्टन में एक साथ मनाया गया पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल में इन दिनों हालडा उत्सव की धूम मची हुई है। रविवार को दशकों बाद लाहौल के पट्टन और गाहर घाटी में एक साथ हालडा उत्सव मनाया गया।
घाटी सर्द रात्रि में मशालों के उजाले से चमक उठी। केलांग, गौशाल, मूलिंग और तांदी से त्रिलोकनाथ और उदयपुर तक हालडा धूमधाम से मनाया गया। रात्रि के समय ग्रामीण लकड़ी की मशालों को लेकर अपने-अपने गांव के चबूतरे तक मशाल जलाकर और हालडा-हो-हालडा बोलते हुए एकत्रित हुए।
पौराणिक मान्यता के अनुसार एक साथ मिलकर मशालों की रोशनी के साथ देवताओं को याद किया और नृत्य भी किया। मशालों की रोशनी से बुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। इसके बाद सबने विदाई ली और गाहर घाटी में लोग अपने घरों में कुस उत्सव के लिए बंद हो गए। गाहर घाटी में सोमवार से कुस उत्सव शुरू हो गया है जबकि पट्टन क्षेत्र में हालडा के 15 दिन बाद कुस उत्सव शुरू होगा। एक-दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देंगे। इससे पहले हर गांव में एकत्रित होकर लोगों ने देवी देवताओं की पूजा-अर्चना की। हालडा उत्सव को लेकर लोगों ने एक सप्ताह पहले ही तैयारी कर ली थी। हालडा को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। विधायक अनुराधा राणा, पूर्व विधायक रवि ठाकुर, पूर्व मंत्री डॉक्टर रामलाल मारकंडा और उपायुक्त किरण भड़ाना ने लोगों को हालडा की बधाई दी।