भुगतान लटकने से लाहौल घाटी के 450 किसान आर्थिक संकट में
कंपनी के पास 29 हजार बैग आलू के 3.46 करोड़ रुपये लटके
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। गुजरात की एक कंपनी की ओर से भुगतान रोके जाने से लाहौल घाटी के आलू उत्पादक किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
लाहौल आलू उत्पादक संघ ने कहा कि कंपनी ने अक्तूबर में आलू की खेप उठाने के बावजूद अब तक करीब 3 करोड़ 46 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया है। इस मामले में एलपीएस प्रबंधन और किसानों ने पुलिस अधीक्षक केलांग से शिकायत की है।
एलपीएस ने अक्तूबर में गुजरात की एक कंपनी को संताना वैरायटी के करीब 29 हजार बैग आलू बेचे गए थे। शर्तों के अनुसार डिलीवरी के तुरंत बाद भुगतान किया जाना था लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कंपनी ने राशि जारी नहीं की। इस कारण लाहौल के करीब 450 किसान प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी कंपनी को आलू बेचे गए थे और तब भुगतान समय पर हुआ था। इसलिए इस वर्ष किसानों और एलपीएस को कंपनी पर पूरा भरोसा था लेकिन इस बार भुगतान अटकने से किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2025 के सीजन में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हरा मटर, गोभी सहित अन्य नगदी फसलों को पहले ही करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। अब आलू के भुगतान पर भी संकट गहराने से स्थिति और खराब हो गई है। प्रभावित किसान रमेश, दोरजे, अमर सिंह और रोशन ने बताया कि आलू का पैसा फंसने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं हो पा रही है।
उधर, एलपीएस के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि किसानों के हित में एलपीएस प्रबंधन की टीम किसानों के साथ पुलिस अधीक्षक केलांग से मिली है। मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द भुगतान दिलाया जाएगा।