पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद किसान-बागवान मटर बिजाई के साथ ही पौधों की काटछांट में जुट गए हैं। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के प्रभारी वैज्ञानिक डीआर खजूरिया ने कहा कि बागवान सभी फलदार पौधों के तनों में सफेदी करें। सफेदी के लिए 50 लीटर पानी में 15 किलोग्राम चूना और पांच किलो नीला थोथा तथा दो लीटर अलसी का तेल मिलाएं। बागवानों को फलदार पौधों के तौलिए बनाने का कार्य शुरू करने की भी सलाह दी है।
इसके साथ ही अन्य उर्वरक अनुमोदित मात्रा में डालने तथा एक इंच या अधिक कटे भाग पर चौबटिया लेप लगाने की सलाह दी है। सेब पौधों के लिए गोबर की सौ किलो खाद में दो किलो सुपर फास्फेट और एक किलो दो सौ ग्राम पोटाश मिलाने की सलाह दी। इसके अलावा बागवान गुठलीदार फल पौधों में गोबर की पचास किलो खाद के लिए डेढ़ किलो सिंगल सुपर फास्फेट और एक किलो दो सौ ग्राम पोटाश मिलाने को कहा है। सुपर कंप्यूटर शिमला से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी पांच दिनों में कुल्लू घाटी तथा आसपास के इलाकों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। हवा पूर्व दिशा से 9-13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद है।