उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रांफू-काजा-समदो राष्ट्रीय राजमार्ग 505 खस्ताहाल हो चुका है। 82 किलोमीटर के दायरे में सड़क एक इंच भी पक्की नहीं हो पाई है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क में कोई सुधार नहीं है। खराब सड़क का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ रहा है।
बदहाल सड़क पर सफर करने वाले लोग परेशान हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाला ग्रांफू-समदो राष्ट्रीय राजमार्ग 55 साल में भी नहीं सुधरा है। 205 किमी लंबी सड़क में ग्रांफू से टाकचा तक 82 किमी में कहीं भी पक्की सड़क के निशान तक नहीं है। इस सड़क की बदहाली का खामियाजा समदो में तैनात भारतीय सेना व स्पीति घाटी के बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकतर पर्यटक खराब सड़क के कारण स्पीति घाटी का रुख नहीं करते हैं। बता दें कि कोरोना महामारी से पूर्व सीजन में इस सड़क से होते हुए काफी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक विश्व विख्यात चंद्रताल झील निहारने के बाद स्पीति घाटी की मनोरम वादियों को निहारने पहुंचते हैं। ग्रांफू-समदो मार्ग सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह देश की दो सड़कों मनाली-लेह व भारत-तिब्बत मार्ग को आपस में जोड़ता है। स्पीति घाटी के टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि 82 किमी के इस सफर में गाड़ियों की टूट-फूट तो आम बात है। सड़क की दुर्दशा से यहां आने वाले पर्यटक भी दोबारा आने से तौबा कर लेते हैं। स्पीति के लोगों का कहना है कि पहले से ही मनाली, रोहतांग आने वाले पर्यटक चंद्रताल झील और कुंजम माता का रुख करते हैं। कहा कि समदो-ग्रांफू सड़क चकाचक हो जाए तो भारतीय सेना भी कम समय में समदो-लेह के बीच आवाजाही कर सकेगी। उधर, समदो में तैनात बीआरओ 108 ओसी चंद्रमा प्रसाद ने कहा कि राजमार्ग को चकाचक करने के लिए जल्द टेंडर किए जाएंगे। (संवाद)