केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ग्राम सभाओं के दौरान 11 पंचायतों में कोरम पूरा नहीं हो सका। लाहौल की 34 पंचायतों में से नौ और स्पीति की 14 में से दो पंचायतों में ग्रामसभा का कोरम अधूरा रहा।
लाहौल की शांशा, खंगसर, सिस्सू, टिंगरेट, गोहरमा, गोंदला, दारचा, मूलिंग और चिमरेट पंचायत तथा स्पीति की लारा और किब्बर पंचायत में दोबारा ग्रामसभा होगी।
जिला पंचायत अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिन पंचायतों में कोरम पूरा नहीं हुआ है, वहां 15 दिन के भीतर दोबारा ग्रामसभा आयोजित की जाएगी। ग्राम सभाओं में पंचायतों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने के साथ बिजली, पानी, सड़क और अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
जाहलमा में पेसा एक्ट के तहत संसाधनों के इस्तेमाल पर मंथन
जाहलमा पंचायत में ग्रामसभा के दौरान पेसा एक्ट को धरातल पर लागू करने की दिशा में पहल की गई। पंचायत प्रधान प्रेम लाल ठाकुर ने बताया कि जाहलमा और आसपास के गांव बाढ़ और भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में हैं। उन्होंने ग्रामसभा में प्रस्ताव रखा कि बाढ़ के दौरान चंद्रभागा नदी में जमा होने वाले पत्थर और रेत के व्यावसायिक इस्तेमाल से पंचायत की आय बढ़ाई जा सकती है। इस राशि का उपयोग पंचायत के विकास और निर्माण कार्यों में किया जा सकेगा। बैठक में चंद्रभागा नदी किनारे पंचायत की सामूहिक भागीदारी से स्टोन क्रशर स्थापित करने के विकल्प पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और पंचायत की आय बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई।