कुल्लू। करुणामूलक संघ जिला कुल्लू के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने मृत कर्मचारियों के आश्रितों की पीड़ा भूल गई है। कई परिवार 15 साल से अधिक समय से करुणामूलक आधार पर नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार नए-नए नियम बनाकर भर्तियों में बाधा डाल रही है।
कुल्लू में मीडिया से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि सरकार सेवा के दौरान मृत हुए कर्मचारियों के आश्रितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि एक तरफ सरकार पुलिस के एक बड़े अधिकारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके बेटे को छह महीने के भीतर नौकरी प्रदान करती है, लेकिन दूसरी तरफ वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे पात्र आश्रितों को नौकरी नहीं दी जा रही है। सरकार को सभी के लिए एक समान नियम अपनाने चाहिए।
संघ के अन्य सदस्यों कल्पना शर्मा, सोनू राम, नरेंद्र कुमार, गोविंद, ममता, बीरवल, लोत राम, पितांबर, दौलत राम, पंकज, युवराज और मिलाप चंद ने भी सरकार से शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अब कई लोग करुणामूलक आधार पर नौकरी का इंतजार करते हुए आयु सीमा को पार कर चुके हैं और कई होने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि करीब साढ़े तीन हजार परिवार राहत की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने मांग की कि आगामी कैबिनेट बैठक में 07-03-2019 पॉलिसी संशोधन किया जाए। इसके साथ ही रिजेक्ट केसों की दोबारा समीक्षा कर, 5 फीसदी कोटा हटाने और सभी श्रेणियों में शैक्षणिक योग्यता के अनुसार भर्ती करने की मांग की।