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कुर्सी पर उठा 8 किमी पैदल चल सड़क तक पहुंचाई गर्भवती

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बनाऊगी गांव में गर्भवती महिला को कुर्सी पर उठाकर सड़क तक ले लाते ग्रामीण। - फोटो : Kullu
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न्यूली (कुल्लू)। देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। लेकिन जिला कुल्लू की सैंज घाटी के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओें के अभाव में ही जीवन यापन करना पड़ रहा है। गाड़ापारली पंचायत के बनाऊगी गांव की गर्भवती महिला को रविवार को प्रसव पीड़ा के बीच कुर्सी पर उठाकर आठ किलोमीटर दूर स्थित निहारनी सड़क तक पहुंचाना पड़ा। यहां से महिला को वाहन से उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया।
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गौरतलब है कि दो दिनों के भीतर इसी पंचायत के अलग-अलग गांव की दो महिलाओें को उपचार के लिए डंडों के सहारे कुर्सी पर उठाकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। शनिवार को मझाण गांव की 65 वर्षीय महिला को पेट दर्द के चलते कुर्सी पर उठाकर 14 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा था। दूसरे ही दिन रविवार को भी बनाऊगी गांव की 30 वर्षीय गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने कुर्सी पर उठाकर उपचार के लिए दस किलोमीटर का पैदल सफर कर निहारनी पहुंचाया। ग्रामीण रामलाल, सोभाराम, डाबेराम, निर्मला देवी, शकुंतला देवी ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी कई गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। विधायक और मंत्री चुनाव के समय तो वोट मांगने के लिए दुर्गम गांवों में आते हैं। लेकिन जीतने के बाद वापस मुड़कर नहीं आते। ग्राम पंचायत प्रधान और उपप्रधान अज्जू ठाकुर ने कहा कि पंचायत के बाशिंदों को सड़क न होने से रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन और सरकार से सड़क की लगातार मांग की जा रही है। इसके बावजूद सरकार और प्रशासन ग्रामीणों को सड़क सुविधा मुहैया करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
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