रोहतांग दर्रा से सटे गांव कोकसर और डिम्फुक में रविवार को विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे कर्
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रा से सटे गांवों कोकसर और डिंफुक में बिजली बहाल करना आसान नहीं था। बर्फ से ढके गांवों में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने पीठ पर सामान ढोया। बर्फ में ही खंभे पर चढ़कर बिजली के तारों को दुरुस्त किया। करीब एक सप्ताह तक लगातार कार्य किया, तब जाकर कोकसर और डिंफुक गांव रोशन हो सके। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों का यह जज्बा काबिलेतारीफ है।
मार्च महीने में भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा से सटे कोकसर और डिंफुक गांवाें में बिजली आपूर्ति गुल हो गई। चारों ओर बर्फ के ढेर होने के कारण बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को तकनीकी खराबी का भी पता नहीं चल पा रहा था। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता प्रेम के निर्देश पर जेई ऐल चंद की अगुवाई में कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी का पता लगाया। कोकसर के समीप बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। साथ ही कोकसर से तेलिंग तक बिछी भूमिगत केबल में खराबी आ गई थी। कर्मचारियों ने पलचान ग्रिड से बिजली आपूर्ति बहाल करने का फैसला लिया। इसके लिए कड़ी मशक्कत के साथ शून्य से नीचे तापमान में बर्फ की मोटी परत पर बिजली के तार ढोए। उसके बाद खंभे पर चढ़कर तारों को दुरुस्त किया। करीब एक सप्ताह तक खूब पसीना बहाया।
...
ग्रामीणों ने भी की सहायता
ग्रांफू के पास तारों के बंडल और अन्य सामान पीठ पर उठाकर लाया। बिजली बहाली में ग्रामीणों ने भी बिजली बोर्ड के कर्मियों की सहायता की। जिला परिषद अध्यक्ष अनुराधा राणा, कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरुपा, उपप्रधान प्रदीप आजाद सहित तीनों गांव के ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड का आभार व्यक्त किया है।
...
कोकसर और डिंफुक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित चल रही थी। बोर्ड कर्मचारियों ने बर्फ में भी काम कर बिजली को बहाल किया है। इसमें कर्मचारियों ने बेहतर काम का जज्बा दिखाया है।
-प्रेम चंद ठाकुर, अधिशासी अभियंता बिजली बोर्ड