जुलाई पर्व की परंपरा का निर्वहन करने हारियानों और किसानों संग खेतों में पहुंचे देवता कशु नारायण
फसल कटाई की परंपरा का निर्वहन मनाया जुलाई पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की शैंशर कोठी में देव परंपराओं का निर्वहन देवता और हारियानों ने मिलकर किया। शैंशर कोठी के तुंग गांव में देवता कशु नारायण के सम्मान में जुलाई पर्व मनाया। देवता किसानों के साथ खेतों में पहुंचे और वहां से फसल की कटाई कर लाने की परंपरा को निभाया।
बता दें कि घाटी में रबी फसलें तैयार हैं। किसान इन दिनों गेहूं और जौ की कटाई में जुटे हैं। शैंशर कोठी में देवता कशु नारायण के आदेश के बाद काटा जाता है। नियमों का पालन सदियों से हारियान करते आ रहे हैं। तुुंग गांव में जुलाई पर्व का शुभारंभ माता शतरूपा, देवता मनु ऋषि व कशु नारायण के भव्य मिलन से हुई। आलम चंद पालसरा, लच्छमण सिंह, मोहर सिंह, ठाकुर दत, लोतम राम, रामलाल ने कहा कि जुलाई पर्व में जौ की फसल को देवता के आदेश के बाद काटा जाता है। साथ ही देवता भी खेत में आते हैं और वहां से नाचते हुए घरों तक फसल को लाते हैं। किसान अपनी फसल को सबसे पहले देवता को अर्पित करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसका वर्तमान में भी निर्वहन किया जा रहा है। संवाद