मनाली से दशहरा उत्सव के लिए रवाना हुई देवी हिडिंबा।-संवादं
मनाली। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देव परंपरा निभाने के लिए मंगलवार को माता हिडिंबा मनाली के ढूंगरी स्थित मंदिर से कुल्लू के लिए रवाना हुईं। सुबह माता की शोभायात्रा शुरू हुई। माता के दर्शन के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मनाली से कुल्लू तक विभिन्न स्थानों पर माता हिडिंबा का भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के साथ चल रहे देवलुओं और अन्य लोगों के लिए जूस, हलवा और पेयजल की व्यवस्था की। देव भोज का भी आयोजन किया गया।
कुल्लू दशहरा उत्सव में माता हिडिंबा की विशेष भूमिका रहती है। माता के आगमन के बिना दशहरा उत्सव की परंपराएं अधूरी मानी जाती हैं। इसी मान्यता के चलते माता हिडिंबा की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। माता हिडिंबा की शोभायात्रा देर शाम कुल्लू के रामशीला स्थित हनुमान मंदिर पहुंची।
माता के गूर देवी चंद ने बताया कि कुल्लू दशहरा उत्सव में माता हिडिंबा का विशेष महत्व है। माता के बिना दशहरा उत्सव संपूर्ण नहीं माना जाता। बुधवार सुबह भगवान रघुनाथ की ओर से माता हिडिंबा को निमंत्रण स्वरूप छड़ी भेजी जाएगी। इसके बाद माता रघुनाथ मंदिर पहुंचेंगी। इसके बाद भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में भाग लेंगी।
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दशहरा उत्सव के लिए कुल्लू पहुंचे घाटी के देवी-देवता
कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए मनाली और आसपास की घाटियों के देवी-देवता भी कुल्लू रवाना हो गए हैं। इनमें देवता शंख नारायण, कार्तिक स्वामी, कंचन नाग, सृष्टि नारायण और संध्या गायत्री सहित कई देवी-देवता शामिल हैं। उत्सव के दौरान देव परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहता है।
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