आठ दिसंबर को वशिष्ठ में स्नान कर देव परंपरा का करेंगे निर्वहन
देवता के दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु, जगह-जगह स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुर (कुल्लू)। ऊझी घाटी में हलाण-एक के आराध्य देवता वासुकी नाग लाव-लश्कर के साथ शाही स्नान के लिए रवाना हो गए हैं। वीरवार सुबह हलाण गांव ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से गूंज उठा।
देवता वासुकी नाग करीब आठ साल बाद वशिष्ठ में शाही स्नान की परंपरा का निर्वहन करेंगे। देवता वासुकी नाग के मंदिर के पास सुबह 9:00 बजे के बाद श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद देवता को मंदिर से बाहर निकालने की तैयारी हुई। मंदिर से बाहर आने पर लोगों ने देवता के समक्ष शीश नवाया। इसके बाद देवता अपने कारकूनों और हारियानों के साथ वशिष्ठ के लिए रवाना हुए। देवता के दर्शनों के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। हलाण से पहले दिन का सफर तय करने के बाद देवता का पहला विश्राम वरयाणू में हुआ। शुक्रवार को देवता खखनाल में पहुंचेंगे। देवता वासुकी नाग हलाण के कारदार अंकित नेगी ने कहा कि 8 दिसंबर को होने वाले शाही स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु देवता के जगह-जगह स्वागत के लिए तैयारियां कर रहे हैं। वशिष्ठ में शाही स्नान की परंपरा का निर्वहन करने के बाद देवता वासुकी नाग अपने देवालय की ओर रवाना होंगे।