मनाली बस स्टैंड के समीप फैला कचरा। -संवाद
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मनाली (कुल्लू)। राष्ट्रीय स्तर के स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक हासिल कर हिमाचल की पहली खुला शौचमुक्त नगर निकाय का तमगा हासिल करने वाली नगर परिषद मनाली में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है।
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। हर महीने सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई है। कई ऐसे हॉट स्पॉट हैं जो कचरे की डंपिंग साइट बनते जा रहे हैं। मनाली के मुख्य बस अड्डे का मुख्य गेट इसमें शुमार है। यहां हर रोज सुबह के समय कचरे का ढेर लगा रहता है। नगर परिषद को इसकी कोई परवाह नहीं है।
हालांकि स्वच्छ भारत अभियान के तहत मनाली शहर में अनेकों कार्य हुए हैं। पर्यटन सीजन के दौरान रात के समय भी यहां पर सफाई होती है, लेकिन शहर से निकलने वाले कचरे को कूड़ा संयंत्र केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था में खामी होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं। शहर के मुख्य बस स्टैंड, गोंपा रोड, मिशन अस्पताल के समीप हर रोज कचरे के ढेर लगे रहते हैं। हालांकि परिषद के अधिकारियों ने इन स्थलों का सौंदर्यकरण कर डंपिंग साइटों का हटाने के दावे किए थे। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ।
बस स्टैंड के समीप दीवार देकर शवगृह के लिए रास्ता बनाया गया लेकिन कचरे के ढेर लगने अभी भी कम नहीं हुए। हर रोज यहां शहर से कचरा एकत्रित कर कूड़ा संयंत्र केंद्र को भेजा जा रहा है। इससे यहां आने वाला सैलानी स्वयं ठगा सा महसूस कर रहा है। साथ ही मनाली छवि भी खराब हो रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि सफाई ठेकेदार का काम सही नहीं पाया है। कूड़ा घर से सीधा ट्रीटमेंट प्लांट को जाना चाहिए। जल्द ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।