लगातार तापमान में आ रही गिरावट के चलते ठंड बढ़ने से झरने का पानी जमना शुरू हो गया है।-संवाद
कुल्लू में बढ़ा सर्दी का सितम, सुबह-शाम लोग घरों में दुबकने पर मजबूर
लोग बोले- दिसंबर में ठंड का असर बढ़ने से कम नहीं होंगी दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में शुष्क मौसम के चलते ठंड का असर बढ़ गया है। इससे लोग सुबह और शाम घरों में ही दुबकने पर मजबूर हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में पाला पड़ने लगा है। पानी जमने से ठंड और बढ़ गई है।
दिन के तापमान में तो राहत है लेकिन रात में पारा माइनस में चला जाता है। मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि अगले दस दिन तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में दिसंबर में ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है। करीब दो महीने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी जमने के साथ पाला पड़ रहा है। दिन के समय तापमान 12 से 18 डिग्री के बीच रहा है जबकि रात के समय तापमान माइनस एक डिग्री तक पहुंच रहा है। खराहल घाटी के ग्रामीण गोपाल सिंह, रविंद्र सिंह, पार्वती घाटी के जयराम ठाकुर और केख राम ने कहा कि रात के समय पारा माइनस में जा रहा है। सुबह कई इलाकों में पाला पड़ रहा है। किसान और बागवान अपने खेत-बगीचों का रुख ठंड के चलते नहीं कर पा रहे हैं। ठंड को दूर भगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तंदूर का सहारा लोग रहे हैं।
हालांकि शहरी क्षेत्रों में हीटर जल रहे हैं। हीटर जलने के चलते ही कुल्लू सब स्टेशन में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। शहरों में अलाव जलाकर शाम के समय आग सेंकते लोग दिख रहे हैं। दूसरी ओर बारिश और बर्फबारी होने के बाद शुष्क मौसम से लोगों को निजात मिलेगी।
हिमालय क्षेत्र में मौसम चक्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बारिश कभी सामान्य से अधिक हो रही है, कभी सूखा रह रहा हैै। पर्यावरण को बचाने के लिए हमें पौधरोपण को अधिक महत्व देना चाहिए। - किशन लाल, पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता