दो महीने से नहीं हुई बारिश, तीन-चार जगह जंगल में आग की घटनाएं आईं सामने
वन विभाग हुआ अलर्ट, मंडल स्तर पर टीमें भी संभालेंगी मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। फायर सीजन से पहले ही जंगलों में आग भड़कने लगी है। जिले में नवंबर से फायर सीजन की शुरुआत मानी जाती है। सूखे जैसे हालात ने वन विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। कई जगह जंगलों में आग के मामले सामने आए हैं। तीन-चार दिन पहले ही लगघाटी की तरफ जंगल में आग लगी हुई थी। दोहरनाला क्षेत्र में आग की घटना सामने आई थी। मुश्किल से ग्रामीणों ने रात के समय आग पर काबू पाया।
ऊझी घाटी के बाड़ी जंगल में भी आग पर ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में पावर स्प्रेयर से काबू पाया। सूखे जैसे हालात के चलते इस बार आग जंगल में तेजी से भड़क रही है। पर्यावरण प्रेमी वर्तमान में बनी हुई स्थिति को लेकर चिंतित है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पर्यावरणविद किशन लाल ने कहा कि पिछले दो महीनों से बारिश न होने से जंगलों में आग की घटनाओं का अंदेशा बढ़ गया है।
सूखा घास होने के कारण आग लगने की सूरत में इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। बारिश की बूंदें पड़ने के बाद ही वन संपदा आग से बच सकेगी। वन विभाग की ओर से आग से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। आग पर काबू पाने के लिए जहां फायर लाइन बनाई जा रही है, वहीं डीएफओ स्तर पर टीमें भी बनाई जा रही हैं। फायर सीजन में इन टीमों की ओर से मोर्चा संभाला जाएगा।
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जंगलों में आग पर निगरानी रखने के लिए अब काफी एडवांस सिस्टम है। आग लगने की सूचना फोरेस्ट गार्ड के मोबाइल पर आती है। सेटेलाइट के माध्यम से चार घंटे के बाद तस्वीर भेजी जाती है। इसके साथ ही कमेटी भी गठित की जाती है। लोगों से अपील की जाती है कि वन हमारी संपदा है, अपने निजी फायदे के लिए इसमें आग न लगाएं। जंगलों में आग लगाने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-संदीप शर्मा, मुख्य अरण्यपाल, कुल्लू वन वृत्त
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