पार्वती वन मंडल के तहत आने वाले जरी रैंज में वन काटुओं से पकड़ी गई करोड़ों की लकड़ी खुले आसमां के नीचे सड़ रही है। विभाग की लापरवाही के कारण यह लकड़ी मिट्टी बन रही है। लेकिन, इसके बावजूद विभाग पकड़ी गई लकड़ी को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठा पा रहा है।
हालत ऐसी है कि करोड़ों की यह लकड़ी 80 फीसदी सड़ कर मिट्टी बन चुकी है। उल्लेखनीय है कि जरी में एक हजार से अधिक स्लीपर, कड़ियां, फ्रेमें और पट्टे सहित अन्य लकड़ी वन विभाग ने पकड़ कर इकट्ठा कर रखी है। अब यह लकड़ी सड़ने के कगार पर पहुंच गई है, लेकिन वन विभाग लकड़ी को रखने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं कर पाया है। अगले कुछ दिनों में इस लकड़ी का भंडारण कहीं अच्छी जगह नहीं हो पाया तो पूरी लकड़ी खराब हो जाएगी।
ऐसे में सवाल उठता है कि पकड़ी कई करोड़ों की यह वन संपदा खुले में सड़ रही है, जिसका जिम्मेदार कौन होगा? क्योंकि इससे सरकार के खजाने को भी करोड़ों का चूना लगेगा। पकड़ी गई 80 फीसदी लकड़ी पूरी तरह सड़ चुकी है। अगर समय पर कोई कदम नहीं उठाए गए तो शेष लकड़ी भी सड़ कर नष्ट हो जाएगी। डीएफओ पार्वती हीरा लाल राणा ने कहा कि उन्होंने अभी ज्वाइन किया है। इस मामले में आरओ से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।