गुशैणी (कुल्लू)। कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोर्टेबल हाईटेक बायोमास बुखारी का प्रदर्शन किया गया। इस तकनीक के जरिये कृषि अपशिष्ट, कचरे और लकड़ी के छोटे टुकड़ों का उपयोग कर खाना पकाने, कमरे को गर्म रखने और पानी गर्म करने जैसी कई जरूरतें एक ही उपकरण से पूरी की जा सकेंगी।
हमीरपुर की एक कंपनी के सहयोग से गुशैणी के बठाहड़ क्षेत्र में इस प्रणाली का डेमो दिया गया। कंपनी के को-फाउंडर अश्वनी शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर पर्यटन कारोबारियों, होमस्टे संचालकों और स्थानीय लोगों को बुखारी की कार्यप्रणाली और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में ऊर्जा के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह नवाचार विकसित किया गया है। इसमें पारंपरिक तंदूर बुखारी को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर पोर्टेबल हाईटेक बुखारी तैयार की गई है।
जिला हमीरपुर के रोहित शर्मा और अश्वनी शर्मा ने बताया कि इस बुखारी में आम तंदूर की तुलना में लकड़ी की खपत करीब 40 प्रतिशत तक कम होती है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। घाटी के पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने इस नई तकनीक की सराहना की।