कुल्लू के मौहल क्षेत्र में फ्लावरिंग के बाद फूलों से लदी पेड़ की टहनी।
- फोटो : Kullu
कुल्लू। जिला कुल्लू में फरवरी के दूसरे सप्ताह में निचले क्षेत्रों में प्लम, आड़ू के पौधों में फ्लावरिंग शुरू हो गई है। इस बार सर्दियों में ठंड का असर कम है। अभी मौसम साफ बना हुआ है। अगर बारिश व बर्फबारी नहीं होती है तो आने वाले दिनों में तापमान में इजाफा होगा। ऐसे में फ्लावरिंग की प्रक्रिया जोर पकड़ेगी। तापमान में इजाफा होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अर्ली फ्लावरिंग की आशंका जताई जा रही है।
निचले क्षेत्रों में फ्लावरिंग वाले पौधों में बंपर फूल हैं। फूल देखकर बागवानों को इस बार बंपर फसल की उम्मीद है। फ्लावरिंग के बाद सेटिंग तक काफी समय लगता है। इस बीच बागवानों को ओलों और पाला पड़ने का डर रहता है। कई बार ओलावृष्टि बागवानों की मेहनत पर पानी फेर देती है। कुछ बागवानों ने ओलों से बगीचे बचाने के लिए एंटी हेल नेट भी लगाए हैं। घाटी के बागवान राकेश ठाकुर, नौमी राम, रेवत राम, चंद्रकिरण, उदय राम, सौभे राम, निमत राम, दिनेश कुमार और अशोक ने कहा कि पिछले सीजन में कोरोना का असर बागवानी व कृषि कार्यों पर पड़ा था। बागवानों को अपने बगीचों में स्वयं ही काम करना पड़ा था। प्लम, सेब के बागवानों को उचित दाम मिले थे। उन्होंने कहा कि इस बार बागवानों को बेहतर फसल की उम्मीद है। बागवानी विभाग के विषयवाद विषेशज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि निचले क्षेत्रों में फ्लावरिंग शुरू हो गई है। अगर मौसम अनुकूल रहता है तो सेटिंग अच्छी होगी।