महिला को हो परिवार में पुरुष के बराबर निर्णय लेने का अधिकार : डीसी
उपायुक्त बोलीं - महिला का आर्थिक तौर पर स्वावलंबी होना भी जरूरी
कुल्लू में महिलाओं को सम्मानित कर बढ़ाया गया मनोबल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सामाजिक बदलाव में महिलाओं की भूमिका अहम है। महिला को परिवार में पुरुष के बराबर निर्णय लेने का अधिकार हो, इसके लिए महिला का आर्थिक तौर पर स्वावलंबी होना जरूरी है।
यह बात उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के सभागार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वैसे तो हर दिन महिलाओं के लिए खास होना चाहिए, लेकिन आज इस दिवस को मनाने का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, समाज के हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित बनाना तथा उनके योगदान का स्मरण करना है।
महिलाओं ने आज हिमालय पर्वत से लेकर स्पेस तक अपना वर्चस्व स्थापित किया है। महिला अधिकारों की जानकारी देते हुए रविंद्र कुमार ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 12 से 35 तक सभी को बराबर मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ गजेंद्र ठाकुर ने महिला सशक्तिकरण के लिए कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, कॉलेज की छात्राओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कुल्लवी नाटी, नुक्कड व नाटक तथा गीत संगीत के अनेक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में 52 महिलाओं को सम्मान मिला।
2018 में मिला है राज्य स्तरीय अवार्ड
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने के लिए अवार्ड दिया गया है। इस सम्मान से समाज सेवा के कार्य करने का हौंसला बढ़ा है। इससे पहले साल 2018 में राज्य स्तर पर राज्यपाल के हाथों भी सम्मान मिला है। अब तक सात अवार्ड प्राप्त कर चुकीं हूं। - शशि किरण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बंजार।
राष्ट्रीय परेड में सूबे का प्रतिनिधित्व
राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में सूबे का प्रतिनिधित्व करने पर अवार्ड मिला है। सम्मान मिलने से आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरणा मिली है। -बेबी शर्मा, एनएसएस स्वयं सेवी।