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Kullu News: बंजार-सराज में आग की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

Sat, 20 Dec 2025 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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पशुओं का घास जमा करने की परंपरा प्रमुख कारण
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बीते डेढ़ माह में गुशैणी क्षेत्र के चार गांव प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। बंजार-सराज क्षेत्र में बढ़ती आग की घटनाएं पहाड़ी गांवों के लिए गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई हैं। बीते डेढ़ माह में गुशैणी क्षेत्र के चार गांव आग की चपेट में आ चुके हैं।
इससे न केवल जान-माल का नुकसान हुआ है, बल्कि पारंपरिक रहन-सहन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हिमालय नीति अभियान ने इसे पहाड़ी गांवों के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया है।
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सबसे पहले नोहांडा पंचायत के झनियार गांव में दिन के समय आग लगने से 16 घर जलकर राख हो गए थे। इसी पंचायत से सटे डिंगचा क्षेत्र के शाई गांव में एक घर आग की भेंट चढ़ गया। पिछले महीने बूढ़ी दिवाली के दिन नाहीं गांव में भी आग की घटना सामने आई थी। मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों के ऊपरी क्षेत्रों, विशेषकर सराज इलाके में इन दिनों आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हिमालय नीति अभियान की मानें तो आग लगने का मुख्य कारण ऊंचे बर्फीले इलाकों में सर्दियों के लिए पशुओं की घास जमा करने की परंपरा बन रही है। सूखी घास घरों के समीप पड़ाछे या छानकों में रखी जाती है। यह जरा सी चिंगारी से भड़क उठती है। हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह ने कहा कि आग से बचाव के लिए घास भंडारण रिहायशी घरों से दूर किया जाए। घरों के आसपास सूखी घास और कचरा न रखा जाए। जंगल से सटे क्षेत्रों में नियमित सफाई की जाए। गांवों में घरों का निर्माण नियोजित ढंग से हो ताकि एक घर से दूसरे घर के बीच पर्याप्त दूरी रहे। इसके साथ ही गांवों में पानी के भंडारण के लिए तालाब, कुएं या बड़े टैंक बनाए जाएं। अग्निशमन सुविधाओं की पहुंच दूरदराज गांवों तक बढ़ाई जाए। ग्रामीणों को आग से बचाव के बारे में नियमित रूप से जागरूक किया जाए।
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