भूस्खलन के चलते डर के साये में क्षेत्र के लोग, पत्थर गिरने की आवाज से फैली दहशत
सितंबर 25025 में इसी पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आने से हुई थी नौ लोगों की मौत
भूस्खलन की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार, सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इनर अखाड़ा बाजार में मंगलवार रात को बारिश ही नहीं डर भी बरसा। मठ क्षेत्र की ओर से गिरते पत्थरों की हर आवाज ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। नींद किसी की आंखों में नहीं थी। लोगों ने रात जागकर काटी।
यह वही जगह है, जहां सितंबर 2025 में पहाड़ी से गिरे मलबे ने नौ जिंदगियां छीन ली थीं। पानी की निकासी आज भी बेतरतीब है। पहाड़ी को थामने के इंतजाम अधूरे हैं और सुरक्षा सिर्फ निरीक्षण तक सीमित है। बारिश लौटी तो खतरा भी लौट आया है। मंगलवार रात को मठ क्षेत्र की ओर से पत्थरों का गिरना जारी रहा।
लोगों का कहना है कि रातभर पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी रहा। पत्थर गिरने की आवाज के कारण वे रातभर सो नहीं पाए। स्थानीय लोगों के अनुसार तीन और चार सितंबर, 2025 को यहां भूस्खलन हुआ था जिसमें 12 लोग मलबे में दब गए थे। इनमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। जिस तरह बारिश होने से फिर से पत्थर और मलबा गिरने का दौर शुरू हुआ है, उससे लोगों को फिर से डर सताने लगा है। लोगों का कहना है कि सितंबर, 2025 में हुए भूस्खलन के बाद अभी तक यहां से मलबा हटाने के कार्य के अलावा ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया जिससे क्षेत्र सुरक्षित हो सके। हाल ही में हुई बारिश में भी मठ क्षेत्र की ओर से पानी जहां-तहां से बह रहा था। इससे भूस्खलन की संभावनाएं और बढ़ रही है। निकासी नालियों का उचित प्रबंध तक नहीं किया गया है।
उधर, भूस्खलन होने की सूचना के बाद बुधवार सुबह तहसीलदार कुल्लू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भूस्खलन का जायजा लिया। हालांकि बीती रात को हुए भूस्खलन से कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया है।