खराहल (कुल्लू)। लहसुन की खेती शुरू करने से पहले ही किसानों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। बाजार में लहसुन का बीज 150 रुपये किलो तक मिल रहा है।
कृषि विक्रय केंद्रों पर बीज उपलब्ध न होने के कारण किसानों को बाजार से महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर कई किसान महंगा बीज खरीदने में असमर्थ हैं। कुछ किसानों ने दावा किया है कि वे बीज के दाम बढ़ने के कारण लहसुन की खेती करना ही छोड़ चुके हैं।
घाटी के किसान अमित, रामचंद, जयचंद, चमन, कमल ठाकुर और देवराज आदि ने बताया कि लहसुन का बीज हर तीसरे साल बदलना पड़ता है। ऐसे में महंगे बीज का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों पर बीज उपलब्ध नहीं होने का फायदा बड़े व्यापारी उठा रहे हैं और मनमाने दाम पर बीज बेच रहे हैं।
किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से लहसुन के बीज को भी अन्य बीजों की तरह सब्सिडी के दायरे में लाने और कृषि विक्रय केंद्रों पर किफायती दरों पर उपलब्ध करवाने की मांग की है।
किसान नेता देवराज नेगी ने सरकार और कृषि विभाग से कृषि विक्रय केंद्रों पर लहसुन का बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. रितु गुप्ता ने बताया कि विभाग के केंद्रों पर लहसुन का बीज उपलब्ध नहीं है। किसानों को इसकी खरीद बाजार से ही करनी पड़ेगी।