राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ खंड कुल्लू-2 ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जारी की गई पांचवीं कक्षा की डेटशीट का विरोध किया है। शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निर्णय लेने से पहले विभिन्न जिला के शिक्षक संघ से बोर्ड को राय लेनी चाहिए, जिससे परीक्षाओं का प्रबंधन में कोई अड़चन न आ सके।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ खंड कुल्लू-2 केे अध्यक्ष हरि सिंह ठाकुर ने कहा कि बोर्ड ने जो समय सुबह पौन नौ बजे से 12 बजे तक रखा है यह बहुत गलत है। प्रदेश पहाड़ी है और यहां की भौगोलिक स्थितियों को मद्देनजर रखते हुए बच्चों को एक पहाड़ी से नीचे उतरना पड़ता है और वहीं दूसरी ओर पहाड़ियों पर बसे परीक्षा केंद्रों में पहुंचना पड़ता है। इसलिए यह समय पौने दस से एक बजे तक होने चाहिए।
प्राथमिक स्कूलों में लगभग एक अध्यापक कार्यरत है। इसलिए स्कूल की परीक्षाओं का समय और पांचवीं कक्षा की परीक्षाओं का समय एक साथ होने के कारण भी समस्या पैदा हो गई है। अब अध्यापक स्कूल की परीक्षाएं लें या फिर पांचवीं के बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र जाएंगे।
अध्यापक संघ ने बोर्ड से प्रश्न किया है कि अगर अध्यापक पांचवीं के बच्चों के साथ नहीं जाता है तो बच्चे छोटे होने के कारण कोई भी घटना घट सकती है तो उसका कौन जिम्मेवार होगा? संघ ने बोर्ड से मांग की है कि स्कूल की परीक्षाओं और पांचवीं की परीक्षाओं में बदलाव किया जाए। संघ का कहना है कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड बंद कमरों में बैठकर इस तरह का निर्णय लेता है। भविष्य में इस तरह के किसी भी कार्य को करने से पहले अध्यापक नेताओं को विश्वास में लिया जाना आवश्यक है।