ईको टूरिज्म के नाम पर वन विभाग ने शुरू की नई व्यवस्था
एक सप्ताह से हुई शुरू, पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में खर्च होगी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल के पर्यटन स्थल सिस्सू हेलिपैड में बढ़ती पर्यटकों की आवाजाही के बीच वन विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब यहां आने वाले पर्यटक वाहनों से विजिटर एंट्री शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था पिछले एक सप्ताह से शुरू हो गई है।
वन विभाग के अनुसार सिस्सू हेलिपैड आने वाले चौपहिया वाहन चालकों से 50 और दोपहिया वाहन चालकों से 20 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाना है। वहीं, जिले के किसी भी वाहन चालक से शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अटल टनल के शुरू होने के बाद हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक लाहौल-स्पीति पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी पर्यटक सिस्सू हेलिपैड का रुख करते हैं। लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण घाटी के पर्यावरण पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वन मंडल अधिकारी केलांग इंद्रजीत सिरा ने बताया कि इस शुल्क से प्राप्त धनराशि का उपयोग घाटी में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में किया जाएगा। इसके तहत पौधरोपण सहित अन्य योजनाएं चलाई जाएंगी। उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें और निर्धारित नियमों का पालन करें।