कुल्लू। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर जिला मुख्यालय कुल्लू में बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने पेन डाउन एवं टूल डाउन हड़ताल की। भोजन अवकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालयों के बाहर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस प्रदर्शन में राज्य विद्युत परिषद के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 का कड़ा विरोध किया। इस दौरान संगठनों के नेताओं ने कहा कि इससे बिजली वितरण के निजीकरण का रास्ता खुलेगा।
इस मौके पर पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवेश ठाकुर, विद्युत पेंशनर फोरम के जिला अध्यक्ष खेम ठाकुर, प्रदेश सचिव केएल हंगल, एचपीएसईबी इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष लीला चंद आदि ने कहा कि निजीकरण से रोजगार के अवसर कम होंगे, बोर्ड की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी।
वर्तमान में बोर्ड के राजस्व का बड़ा हिस्सा औद्योगिक उपभोक्ताओं का है, जो निजी कंपनियों के पास जाने पर सरकारी कंपनी के लिए चुनौती बन सकता है। इससे कर्मचारियों की सेवा शर्तों, पेंशन भुगतान और भविष्य की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई।
संयुक्त कार्रवाई समिति ने स्मार्ट मीटर योजना पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका वित्तीय बोझ जनता पर डाला जा रहा है। समिति ने नई भर्तियां करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाने तथा लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की।