न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की दुर्गम देहुरीधार पंचायत का चयन बाल हितैषी पंचायत के रूप में हुआ है। इसके चलते राज्य से एक टीम सर्वेक्षण के लिए पहुंची थी और सर्वेक्षण करने के बाद अब टीम शिमला लौट गई है। टीम ने क्षेत्र में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर के कार्य करने के तरीके को जांचा। इस दौरान टीम ने पंचायत प्रतिनिधियों और स्कूलों का भी निरीक्षण किया जिसमें बच्चों को परोसे जा रहे मिड-डे मील की भी जांच की। पंचायत के निवर्तमान प्रधान भगत राम ने बताया कि राज्य सरकार ने इस पंचायत के सराहनीय कार्य के लिए पंचायत को राष्ट्रीय पंचायती राज पुरस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश की तरफ से नामांकित किया है। करीब 1789 लोगों की आबादी वाली पंचायत में 897 पुरुष और 891 महिलाएं हैं जिसमें एक राजस्व गांव और पांच वार्ड हैं। पंचायत में पांच आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं, एक हाई स्कूल, प्राइमरी स्कूल और मिडल स्कूल के अलावा एक प्री प्राइमरी स्कूल की सुविधा भी है। आंगनबाड़ी केद्रों में 154 बच्चे स्कूल जाते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों और उनकी माता को उचित पोषाहार सुनिश्चित करती हैं। वहीं इसके अलावा गांव की दो आशा वर्कर बच्चों को समय पर टीका, मां को दवाइयां और गर्भवती महिलाओं का हेल्थ चेकअप समय-समय पर कर रही हैं।