लोगों को अंधेरे में रातें बिताने से मिली निजात
बर्फ हटाई, पुल तक बहाल की संपर्क सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल के अति दुर्गम गांव योचे गांव में 23 दिन बाद बिजली बहाल हो गई है। बिजली आपूर्ति सुचारु होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रातें बिताने से राहत मिली है। इसके साथ लोक निर्माण विभाग ने योचे पुल तक संपर्क सड़क से बर्फ हटा दी है। योचे गांव में मार्च के पहले सप्ताह में हुई भारी बर्फबारी से बिजली गुल हो गई थी। बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली बोर्ड के कर्मियों को बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लगा। 15 घरों की आबादी वाले इस गांव के लोग मुश्किलों भरा जीवन जी रहे थे। गौर रहे कि योचे गांव में घरों के भीतर मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है। ग्रामीणों को फोन करने या सुनने के लिए घरों से बाहर निकलना पड़ता है। यही नहीं गांव में स्वास्थ्य सेवा भी नहीं है।
दूसरी ओर योचे गांव का संपर्क दारचा पंचायत से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई थीं। कड़ी मशक्कत के बाद अब योचे पुल तक सड़क से बर्फ हटाई गई है। सड़क बाधित होने से आपात स्थिति में लोग योचे से दारचा तक 12 किलोमीटर कदमताल करने के लिए मजबूर थे। स्थानीय ग्रामीण कलजंग, टशी और तंजिन ने कहा कि बिजली बहाली के साथ पुल तक सड़क बहाल होने से राहत मिली है। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता प्रेम चंद ने बताया कि योचे गांव के लिए बिजली बहाल कर दी गई है।