मनाली में किरायेदारों का पंजीकरण करवाना भी जरूरी, रखने होंगे पहचान के दस्तावेज
नगर परिषद की बैठक में बड़े और कड़े फैसले, एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स का होगा गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद मनाली ने चिट्टा के बढ़ते प्रचलन पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। वीरवार को नप अध्यक्ष मनोज लारजे की अध्यक्षता में हुई नगर परिषद के हाउस की बैठक में चिट्टा जैसी गंभीर समस्या पर मंथन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में अब किरायेदारों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। किरायेदार कहां के हैं और क्या काम करते है यह जानकारी मकान मालिक को लेनी होगी। उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी रखने होंगे।
चिट्टा तस्करी या नशा करने में संलिप्त व्यक्ति को नगर परिषद की तमाम सुविधा से वंचित किया जाएगा। उनके बिजली, पानी के कनेक्शन काटने की भी संबंधित विभाग से सिफारिश की जाएगी। अध्यक्ष मनोज लारजे ने कहा कि बैठक में चिट्टा का नशा करने वाले या कारोबार करने वाले की सूचना देने वाले को 15,000 रुपये का इनाम देने का भी निर्णय लिया गया। यह इनाम राशि नगर परिषद देगी और सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। व्यापार मंडल, पुलिस और समाजसेवी लोगों के साथ मिलकर एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। पोस्टर, होर्डिंग लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वार्ड स्तर पर नशा मुक्त वार्ड योजना शुरू की जाएगी। इस दौरान नगर परिषद की उपाध्यक्ष सुनीता शर्मा, कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया आदि मौजूद रहे।
नेपाल के मजदूरों का भी होगा पंजीकरण
शहर में लोगों का सामान उठाने वाले नेपाल मूल के मजदूरों का भी अब नगर परिषद पंजीकरण करेगी। इनकी मजदूरी भी तय की जाएगी, जिससे नेपाल मूल के श्रमिक अपनी मनमर्जी की मजदूरी न ले सकें। मजदूरों को एक स्थान देने पर सभी सहमति बनी, ताकि किसी को मजदूर की जरूरत हो तो उन्हें एक स्थान पर मिल जाए। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया गया।