नहीं मिल रहे हैं स्प्रे पंप, बागवान परेशान
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वामतट के शांगरी और सेऊबाग के कृषि विभाग के कृषि प्रसार केंद्रों में किसानों को स्प्रे करने वाले इलेक्ट्रिकल पंप की सप्लाई कम होने से किसान को उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में पंप खरीदने वाले किसान बेरंग लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य उत्पादों पर स्प्रे करने का समय उपयुक्त चल रहा है, मगर प्रसार केंद्र में स्प्रे करने के इलेक्ट्रिकल पंप मुहैया नहीं हो रहे है।
मौजूदा समय में कृषि विज्ञान केंद्रों में पंप सब्सिडी के बाद 1250 में मिल रहा है और बाजार में इसकी कीमत लगभग तीन हजार है। किसान ऋषि ठाकुर, राजेंद्र, सुरेश, दिनेश और कमल आदि का कहना है कि वे टमाटर शिमला मिर्च तथा फूलगोभी आदि के पौधों पर छिड़काव करने चाहते हैं, लेकिन स्प्रेयर पंप कृषि प्रसार केंद्रों में उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। वे पंप को खरीदने के लिए केंद्र में गए, लेकिन यहां पर कम सप्लाई होने के कारण खत्म हो गए। किसान खाली हाथ ही वापस लौट रहे हैं।
किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि इस समय सब्जियों में कई बीमारियों पनप रही हैं, लेकिन कई किसानों को इलेक्ट्रिकल पंप ही नहीं मिल रहे हैं। इस बारे में घाटी की आठ पंचायतों की ओर से भी प्रस्ताव विभाग को भेज दिए जाएंगे। केंद्रों में पंप न होने से किसान काफी मायूस हो रहे हैं। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पंपों की सप्लाई केंद्रों के लिए भेजे। इस संबंध में कृषि विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र वर्मा कहते हैं कि आला अधिकारियों से इस बारे में लिखित तौर पर डिमांड भेजी है। सप्लाई पहुंचने पर किसानों को पंप वितरित किए जाएंगे।