कुल्लू/खराहल। जिला परिषद चुनाव से इस बार कई दिग्गजों ने किनारा कर दिया है। वर्ष 2015 के पंचायत चुनावों में कई दिग्गजों ने चुनावी ताल ठोक कर जिप की कुर्सी पर कब्जा किया था। लेकिन चुनाव के लिए रोस्टर जारी होने से इस बार कई वार्ड आरक्षित हो गए हैं। ऐसे में कई दिग्गज चुनाव नहीं लड़ेंगे।
भाजपा की उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर जिला परिषद के नसोगी वार्ड से चार बार लगातार निर्वाचित हुई है। लेकिन इस बार पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के कारण अधिक जिम्मेदारी की वजह से उन्होंने जिला परिषद का चुनाव नहीं लड़ने का मन बना लिया है। इस वार्ड से दूसरी पंक्ति के नेताओं ने चुनावी समर में कूदने की इच्छा जताई है। यहां पर बालमुकंद, पन्ना लाल और दविंद्र ठाकुर के नाम चर्चा पर चल रहे है। पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की पत्नी प्रेमलता ठाकुर भी मौहल वार्ड के आरक्षित होने के फेर से चुनावी रण में नहीं उतर रही है। पूर्व में खोखन वार्ड से प्रेमलता ठाकुर ने वर्ष 2010 में 7214 मतों से विजय का परचम लहराया था। वर्ष 2015 के चुनाव में भी विरोधियों को चारों खाने चित किया था। इस बार सीट आरक्षित होने के कारण समीकरण बदल गए हैं। भाजपा के पूर्व विधायक महेश्वर सिंह के पुत्र हितेश्वर सिंह का जेष्ठा वार्ड भी अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने से वह भी चुनावी मैदान में कूदने से महरूम हो जाएंगे। पिछले चुनाव में हितेश्वर सिंह ने अपने चचेरे भाई कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार आदित्य विक्रम सिंह को पटखनी दी थी। इसके साथ ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष व जिला परिषद सदस्य दुष्यंत ठाकुर भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। बहरहाल इस बार जिप चुनावों में कई दिग्गजों के मैदान में न उतरने से नए चेहरे चुनकर आएंगे।