पंचायतों में ग्रामसभा की बैठकों में शुरू किया मंथन का दौर
जिला पंचायत अधिकारी ने छह बिंदुओं पर किया है फोकस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दो से ढाई दशक से लगातार जिले में आग की घटनाओं से मिटते गांवों के वजूद को बचाने की दिशा में पंचायत स्तर पर कसरत शुरू हो गई है। पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से इस पर मंथन शुरू हो गया है।
जिला पंचायत अधिकारी ने भी इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें छह बिंदु शामिल किए गए हैं। इन पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
अब तक की घटनाओं में अधिक नुकसान होने का कारण गांव के पुराने मकानों में घास और लकड़ी का भंडारण सामने आया है। घास और लकड़ी भंडारण के कारण आग की घटना नियंत्रण से बाहर हो जाती है। ऐसे में घास और लकड़ी को गांव से बाहर भंडारित किया जाए, इसको लेकर ग्रामसभा की बैठकों में मंथन करने के साथ जागरूकता फैलाई जा रही है।
जिला पंचायत अधिकारी की ओर से जारी अधिसूचना में घास को निवास स्थान से दूर रखने, घास रखने को गांव से बाहर अलग से शेड बनाने, घास वाले क्षेत्र में अंगीठी और आग न जलाने, शार्ट सर्किट से बचाव के लिए सर्विस तार को विद्युत बोर्ड या पेशेवर व्यक्ति से सुव्यवस्थित तरीके से लगाने के साथ गांव के नजदीक पानी के टैंक का निर्माण करने की बात कही गई है। जिले में जनवरी में पंचायतों में ग्राम सभाएं चल रही हैं। इनमें इन बिंदुओं पर चर्चा चल रही है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए अधिसूचना जारी की गई है।