निरीक्षण करने पहुंचे प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक, एसएमसी के साथ की बैठक
अब दस बिस्वा भूमि पर किया जाएगा पढ़ारनी मिडिल स्कूल का भवन निर्माण
सरकार ने मंजूर किए हैं 6.30 लाख, आपसी विवाद के कारण लटका था काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार/कुल्लू। जिले की बंजार घाटी के मिडिल स्कूल पढ़ारनी के विद्यार्थियों के डीसी कार्यालय कुल्लू के बाहर कक्षाएं लगाने की चेतावनी के बाद शिक्षा विभाग की नींद टूटी है। बीते शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक ने स्कूल का दौरा किया।
स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों के साथ बैठक कर 10 बिस्वा जमीन में स्कूल भवन का निर्माण करने पर सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि स्कूल का भवन 10 बिस्वा जमीन पर बनाया जाएगा।
सरकार से स्कूल भवन के लिए छह लाख 30 हजार रुपये मंजूर किए हैं। अपनी विवाद के चलते भवन का निर्माण नहीं हो रहा था। स्कूल प्रबंधन समिति ने 23 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय के बाहर स्कूल के बच्चों की कक्षाएं लगाने की चेतावनी दी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद 21 दिसंबर को शिक्षा उपनिदेशक सुरेंद्र शर्मा टीम के साथ पढ़ारनी स्कूल पहुंचे। उन्होंने उन दो जगहों को भी देखा, जहां स्थानीय लोगों ने स्कूल भवन के लिए भूमि दान की है। इसके बाद एसएमसी और ग्रामीणों के साथ बैठक की।
इसमें सहमति बनी कि स्कूल भवन का निर्माण दस बिस्वा जमीन में किया जाएगा। यह बालमुकुंद ने दान की है। अब स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग शिमला को पत्र लिखेगा। इससे एसएमसी पढ़ारनी के साथ विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल भवन मिलने की उम्मीद
बंध गई है।
एसएमसी अध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2016 में स्कूल का शिलान्यास पूर्व मंत्री दिवंगत कर्ण सिंह ने किया था, लेकिन नया भवन नहीं बन पाया। भवन निर्माण की बार-बार गुहार लगाने पर भी किसी ने नहीं सुनी। वर्तमान में यहां छठी से आठवीं तक 26 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कहा कि वर्ष 2020 में स्कूल भवन के लिए सरकार ने छह लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरेंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने मौके का दौरा किया है। स्कूल भवन के लिए दो लोगों ने जमीन दान की है।
दोनों जगह भवन निर्माण को लेकर विवाद था। एसएमसी और अभिभावकों से साथ निर्णय लिया कि स्कूल भवन 10 बिस्वा जमीन में बनाया जाएगा।