कम स्तर वाले विद्यार्थियों के साथ अधिक समय बिताएंगे शिक्षक
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सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। बेसलाइन सर्वे के आधार पर ही बच्चों के लेवल तय किए जाएंगे। लोअर लेवल के बच्चों के साथ अध्यापक अधिक समय बीताएंगे। बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए एसएसए व आरएमएसए के राज्य परियोजना अधिकारी ने विशेष गाइड लाइंस तैयार की है। जिसे सभी उपनिदेशकों, डाइट प्रधानाचार्यों, बीपीईओ, बीईओ, बीआरसीसी और सीआरसीसी को भेजा गया है। राज्य परियोजना अधिकारी द्वारा जारी गाइड लाइंस के मुताबिक प्रारंभिक कक्षाओं के लिए क्लासवाइज बच्चों के लर्निंग लेवल को जानने के भाषा व अर्थ मैटिक्स का बेसलाइन सर्वे करना होगा।
बेसलाइन सर्वे के आधार पर ही कक्षा का लेवलवाइज विभाजन किया जाएगा। स्कूल में बेसलाइन असेसमेंट को प्रमुखता से दर्शाना होगा। पहले 15 दिन पढ़ने, लिखने व गणित के बेसिक गुर में सुधार के लिए उपयोग में लाने होंगे। शिक्षक ही लर्नर की उपलब्धि को मॉनीटर और रेगुलेट करेंगे। वहीं लोअर लेवल वाले विद्यार्थियों के साथ शिक्षक अधिक समय बीताएंगे। बच्चे प्रगति को अभिभावकों के साथ सांझा किया जाएगा। कक्षा में अध्यापक फ्लैश कार्ड, चार्ट, पज्जल और मॉडल का प्रयोग करके बच्चों को आसान तरीके से पढ़ाएंगे। स्टोरी पढ़ने और समझने वाले विद्यार्थी को कक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। हर चैप्टर पूरा होने पर टेस्ट लिया जाएगा और इसका एक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। हर महीने स्टूडेंट गतिविधियों का रिकॉड बनाया जाएगा। जिसमें हर प्रकार गतिविधियों का उल्लेख किया जाएगा। अप्पर प्राइमरी के लिए हर स्कूल में बुक बैंक बनाया जाएगा। छठी से आठवीं के बच्चों का गणित, हिंदी और अंग्रेजी का बेसलाइन सर्वे किया जाएगा।
नौवीं और दसवीं कक्षा के बच्चों का साइंस, हिंदी व इंगलिश विषयों का बेस लाइन सर्वे किया जाएगा। बच्चों को कक्षाओं में होने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। हर स्कूल में स्कूल कैबिनेट का गठन करना, बच्चों के विज्ञान, गणित व तकनीकी क्लब गठित करना, प्रार्थना सभा में बच्चों की रीडिंग और अन्य गतिविधियां कर शिक्षा के स्तर को ऊंचा किया जाएगा। वहीं इस संबंध में एसएसए और आरएमएसए के राज्य परियोजना अधिकारी घनश्याम ने बताया कि शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के लिए गाइड लाइंस जारी की गई है। नए शिक्षा सत्र के साथ गाइड लाइंस के मुताबिक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।