सुशीला के शरीर में महज तीन ग्राम हीमोग्लोबिन रहने से उसे ऑक्सीजन के सहारे कुल्लू पहुंचाया गया, जबकि शैनूर की बिमला को भी रक्तस्राव के कारण कुल्लू अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। हालांकि बुधवार को ही दोनों मरीजों को लिफ्ट किया जाना था, लेकिन मौसम साफ होने के बावजूद हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया।
उधर, लाला मेमे फाउंडेशन के सचिव कृष ठाकुर ने बताया कि दोनों मरीजों के लिए खून का इंतजाम किया जा रहा है। उधर, डाइट की प्रस्तावित तीसरी उड़ान को समय अभाव के चलते रद्द कर दिया गया। कुल्लू में तैनात उड़ान सहप्रभारी विजय ने बताया कि दो उड़ानों से लगभग सत्तर यात्रियों को रोहतांग दर्रा के आर पार किया गया।