8.0 रिक्टर स्केल तीव्रता के भूकंप की चपेट में आ गए कुल्लू के सात स्थान
मॉक डि्रल ... सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सरकारी विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कांगड़ा में 8.0 रिक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप आ गया। कुल्लू जिला भी इसकी चपेट में आ गया। इस कारण काफी नुकसान हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में एंबुलेंस, पुलिस और आपातकालीन वाहनों के सायरन ही सुनाई दे रहे थे। क्षेत्र में सुबह व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह दृश्य जिले में सात जगह आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान देखने को मिला।
दरअसल, जिला कुल्लू में शुक्रवार को एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की परख करना था। मॉक ड्रिल का परिदृश्य कांगड़ा जिले में सुबह करीब 9 बजे रिक्टर स्केल पर 8.0 तीव्रता के भूकंप आए पर आधारित था। इसकी चपेट में कुल्लू भी आया।
जिले में सीएचसी तेगुबेहड़ के भवन को नुकसान हुआ, तिब्बतियन बाजार और भूतनाथ पुल को भी क्षति पहुंची। मनाली के अलेउ और आसपास के क्षेत्र में ग्लोफ (हिमनदीय झील फटने) की स्थिति, निरमंड में तहसील कार्यालय को नुकसान, आनी के नालडेरा में रिहायशी भवनों एवं बाजार को नुकसान पहुंचा, बंजार के सिउंड डेम एनएचपीसी-3 सैंज घाटी और राजकीय महाविद्यालय बंजार के भवन क्षतिग्रस्त होने पर जैसे परिदृश्य पर पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया।
उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे कांगड़ा से भूकंप की सूचना के तुरंत बाद सरकारी विभाग हरकत में आ गए। निर्धारित स्थानों पर मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिले में भी सात स्थानों पर अलग-अलग हर तरह के परिदृश्य को ध्यान में रखकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।