खराहल (कुल्लू)। जिले में समय पर बारिश नहीं होने से खेतों में नमी बहुत कम हो गई। ऐसे में नकदी फसल लहसुन सूखे के हालात से पीली पड़ने लगी है, जिसके चलते किसानों की चिंता फसल के प्रति बढ़ने लगी है। बता दें कि जिला कुल्लू में नकदी फसल लहसुन की पैदावार बड़े पैमाने पर हो रही है। जिला में सैकड़ों किसान इसकी खेती कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। कुल्लू के निचले इलाकों में लहसुन का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है।
जिला कुल्लू में 1,500 हेक्टेयर जमीन पर लहसुन का उत्पादन हो रहा है। जिला में पार्वती-313 वैरायटी का लहसुन अधिक उगाया जाता है लेकिन एक माह से बारिश न होने से नकदी फसल पीली पड़ने लगी है। इससे फसल पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है। किसानों का कहना है कि जल्द बारिश नहीं होती है तो असिंचित क्षेत्रों में फसल को अधिक नुकसान होगा। किसान अमित, ज्ञान ठाकुर, कर्मचंद ,बुद्धि प्रकाश , अनूप भंडारी आदि ने कहा कि सूखे के कारण लहसुन के पौधे पीले होने के कगार पर है। कुछ दिनों मे बारिश नहीं होती है तो फसल को ज्यादा नुकसान होगा। उधर, किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि सूखे से लहसुन की फसल खेतों में पीली पड़ने लगी है और समय पर बारिश नहीं होती है तो फसल को अधिक क्षति हो जाएगी।
जिला में बारिश नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इससे लहसुन सहित अन्य फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। सिंचाई वाले क्षेत्रों में किसान सिंचाई करें। इससे पौधों पर नकारात्मक असर नहीं होगा।
-रितु गुप्ता, उपनिदेशक कृषि विभाग