भूस्खलन से पाइप क्षतिग्रस्त, नलों से नहीं टपक रही एक भी बूंद
ग्रामीणों को कई किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से से ढोना पड़ रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। दुर्गम ग्राम पंचायत देहुरीधार और गाड़ापारली में पेयजल संकट गहरा गया है। दोनों पंचायतों के लिए बनी पेयजल योजनाएं भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इस कारण कई गांवों में पिछले तीन सप्ताह से पानी की एक भी बूंद नलों से नहीं टपकी है। ग्रामीणों को ऊबड़-खाबड़ रास्तों से कई किलोमीटर दूर से प्राकृतिक स्रोतों से पेयजल ढोकर लाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत देहुरीधार के तलियाहरा, ज्लाहरा, छेगी, तुंग, धारा-देहुरा, देवता मनु ऋषि मंदिर, दृउला, न्यूली, फागू और ग्राम पंचायत गाड़ापारली के दुर्गम गांव शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ में पीने के लिए पानी नहीं है। ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। ग्रामीण अशोक, आलम, निमत राम, पूणे राम, राजेश और पूर्णदेव ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से नलों से पानी नहीं आ रहा है। प्राकृतिक जल स्रोत भी गांवों से दूर हैं। ऐसे में ऊबड़-खाबड़ रास्तों से जान जोखिम में डालकर पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परेशानियां कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। उन्होंने जलशक्ति विभाग से पेयजल योजना को जल्द बहाल करने की मांग की है। उधर, जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल ने कहा कि बरसात के दिनों में भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। इससे पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है। जहां लाइनें टूटी हैं, उन क्षेत्रों में प्लास्टिक के पाइप बिछाकर पेयजल आपूर्ति अस्थायी तौर पर उपलब्ध करवाने का प्रयास जारी है।