कुल्लू के क्षेत्रिय अस्पताल में डॉक्टर की हड़ताल के चलते मरीजो को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ा।
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जिला के सरकारी अस्पतालों में सोमवार को डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू, बंजार, मनाली, आनी और निरमंड के अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही मिल सकीं। अस्पताल की ओपीडी और ओटी की सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रही। सोमवार का दिन होने के कारण सुबह से लोगों का अस्पताल में आना शुरू हो गया, लेकिन यहां पहुंचने के बाद ही मरीजों को मालूम हुआ कि डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर हैं। कई मरीज को निराश होकर वापस घर लौट गए, वहीं कुछ मरीजों ने निजी अस्पतालों का रुख किया।
हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ के आहवान पर डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला लिया था। सैंज घाटी की महिला खीमदास, प्यारी देवी, खराहल घाटी के रेवत राम, मंगल चंद और ओम चंद ठाकुर ने कहा कि इमरजेंसी में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिलने के अधिकतर मरीज यहां पहुंचे, लेकिन यहां पर एक ही डॉक्टर होने के कारण मरीज काफी परेशान रहे। लोग किराया भाड़ा खर्च कर अस्पताल आए थे लेकिन उन्हें यहां निराशा का सामना करना पड़ा। इधर प्रदेश चिकित्सक संघ के प्रदेश सचिव डॉ. राजेंद्र कोहली ने कहा कि प्रदेश भर के अस्पतालों में सोमवार को डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहे। अगर सरकार का चिकित्सकों की मांगों के प्रति यही रवैया रहा तो 24 जनवरी से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा। तीन से 12 तक सुबह के समय दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की जाएगी और 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू होगी। बावजूद इसके अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो चिकित्सक 13 फरवरी से 24 फरवरी तक मास कैज्युल लीव पर रहेंगे।