भाषा विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने किया संबोधित
सोमवार को संपन्न होगा तीन दिवसीय उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। देवसदन कुल्लू के सभागार में चल रहे साहित्य उत्सव के दूसरे दिन भी देशभर से आए साहित्यकारों ने भक्तिकाल, सूफी और निर्गुण धारा पर मंथन किया। इस मौके पर साहित्यकारों ने अपने अपने वक्तव्य दिए।
साथ में मौजूद साहित्यकारों ने वक्तव्य पर चर्चा भी की। वक्तव्य में पढ़े गए विषयों में पनपे सवालों को लेकर भी वार्ता की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि भाषा विभाग के निदेश डाॅ. पंकज ललित शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित लेखकाें, कवियों और शोथार्थियों को संबोधित करते हुए साहित्य विधाओं पर प्रकाश डाला।
लेखक निरंजन देव शर्मा, गणेश गन्नी, गुमान सिंह, इशिता आर गिरीश, डाॅ. संजू पाल, डॉ. राजेंद्र पाल सहित प्रदेश और देश के कवि और साहित्यकारों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों को उजागर किया और उन पर मंथन किया। देवसदन कुल्लू में हिततरू प्रकाशन संस्था और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से तीन दिवसीय साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका समापन सोमवार को होगा।
पुस्तक मेला बना आकर्षण का केंद्र
साहित्य उत्सव में लगा पुस्तक मेला पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। इसमें पाठकों को उनके पसंदीदा लेखकों की पुस्तकों के साथ अन्य लेखकों की पुस्तकें उपलब्ध हो रही हैं। नवारुण प्रकाशन, हंस प्रकाशन, आधार प्रकाशन, हिमतरु प्रकाशन व अन्य पुस्तकें उपलब्ध हैं। कुल्लू साहित्य उत्सव के संयोजक रमेश पठानिया ने बताया कि विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉल में बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए पुस्तकें छूट के साथ उपलब्ध हैं।