वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ निकाली गई भव्य शोभायात्रा
क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन दूसरे दिन भी हुआ वैदिक पाठ
आठ राज्यों के विद्वान हुए कुल्लू की संस्कृति से रूबरू
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अटल सदन और रथ मैदान में चल रहे तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन के दूसरे दिन भी माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक बना रहा। इस सुबह करीब 11:00 बजे रथ मैदान से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यहां की संस्कृति के रंग देखने को मिले।
सबसे पहले रथ मैदान में स्थानीय संस्कृत महाविद्यालय की छात्राओं ने कुल्लवी नाटी प्रस्तुत की। इसके माध्यम से आठ राज्यों से आए विद्वानों को यहां की संस्कृति से रूबरू करवाया।
इसके बाद रथ मैदान से सौ से अधिक छात्राओं ने परंपरागत पहनावे में शोभायात्रा निकाली। आगे-आगे वाहनों की छत पर बैठकर अलग-अलग राज्यों के विद्वान वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर रहे थे। इनके पीछे युवतियां नृत्य करते संस्कृति का प्रदर्शन कर रही थीं। शोभायात्रा ढालपुर चौक, डीसी कार्यालय, क्षेत्रीय अस्पताल, कॉलेज चौक, पुस्तकालय, कलाकेंद्र होते हुए फिर से रथ मैदान में पहुंचे।
यहां शोभायात्रा संपन्न होने के बाद फिर से वैदिक मंत्रोच्चारण का सिलसिला शुरू हुआ। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश भर से आए पंडितों ने वैदिक मंत्रों के माध्यम से यहां के वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। गौरतलब कि कि पहली बार हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
आयोजक डॉ. ओम ने बताया कि यह आयोजन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन तथा श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय, रघुनाथपुर, कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस आयोजन के दूसरे दिन प्रो. ह्दय रंजन ने उपस्थित विद्वानों और छात्राओं को संबोधित किया।