सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। पर्यटन स्थल कोकसर में चार दिन के बाद पर्यटकों को सुविधा मिली है। यहां ढाबा और रेस्तरां के अलावा होटल एवं होमस्टे की सुविधा बंद कर रखी थी। स्थानीय लोग कोकसर के डिंफुक नाले के पास केंद्रीय जल आयोग के प्रस्तावित बांध के सर्वे का विरोध कर रहे थे। इसके चलते व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कर दिया था। पर्यटकों को जब पता चला कि कोकसर में साहसिक गतिविधियां चार दिन के बाद फिर से शुरू हो गई हैं तो वैसे ही हजारों की संख्या में सैलानी कोकसर में उमड़ पड़े।
घाटी में साहसिक गतिविधियां का दौर फिर से शुरू होने से यहां खूब चहल पहल देखने को मिली। बर्फ देखने की चाह में सैलानी घंटों एटीवी की लाइन में खड़े रहे और स्नो पॉइंट कैंची मोड़ और ग्रांफू गए।
बुकिंग काउंटर में भी स्कीइंग, ट्यूब स्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, जिपलाइन और याॅक सवारी के लिए भी बुकिंग काउंटर में कतार लगी रही। वाहनों के लिए डिंफुक और रामथांग पार्किंग भी छोटी पड़ी और सड़क के किनारे ही वाहनों को पार्क करना पड़ा। 21 से 24 अप्रैल तक कोकसर पंचायत ने डिंफुक नाले के पास चंद्रा नदी में केंद्रीय जल आयोग की ओर से किए जा रहे सर्वे को लेकर स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री से शिमला में मिला था।
सीएम के आश्वासन के बाद शनिवार को सभी प्रकार के पर्यटन कारोबार शुरू कर दिया है। कोकसर पंचायत के उपप्रधान प्रदीप आजाद ने कहा कि कोकसर और आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियों को शुरू कर दिया है। संवाद