खराहल घाटी के अधिष्ठाता देवता मांहुटी नाग मणिकर्ण में शाही स्नान करेंगे। लाव लश्कर और ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता शनिवार को कोटआगे स्थित देवालय से मणिकर्ण के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरान देवता मांहुटी नाग के साथ सैकड़ों हरियान भी मौजूद रहेंगे। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन देवता को विधि विधान के साथ स्नान करवाया जाएगा। देवता यात्रा के करीब छह दिनों बाद देवालय कोटाआगे गांव स्थित भंडार में पहुंचेंगे। वहीं मणिकर्ण घाटी के विभिन्न गांवों में देवता का फूलमालाओं के साथ स्वागत किया जाएगा। गौरतलब है कि देवता पिछले वर्ष भी मणिकर्ण में पवित्र स्नान के लिए गए थे।
इस बार भी देवता ने गूर के माध्यम से मणिकर्ण में पवित्र स्नान का आदेश दिया है। वहीं हरियानों में देवता के पवित्र स्नान को लेकर खुशी का माहौल है। इस संबंध में हरियान प्रदीप कुमार, रामनाथ और बेलू राम के अनुसार मांहुटी नाग को बारिश का देवता माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब देवता पवित्र स्नान करके लौटते हैं तो बारिश या बर्फ गिरना तय होती है। इसलिए अब क्षेत्र के लोगों को सूखा खत्म होने की उम्मीद भी जग गई है। मणिकर्ण यात्रा को लेकर हरियानों ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। वहीं देवता के कारदार लालचंद नेगी ने कहा कि देवता माहुटी नाग मणिकर्ण में पवित्र स्नान के लिए जाएंगे।