देव प्रतिनिधियों के विशेष आग्रह पर देवता ने सुनाया गूर बहाली का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। जिले में बंजार के प्रमुख देवता श्रृंगा ऋषि ने 12 वर्ष पूर्व पद से हटाए गूर को फिर से बहाल कर दिया है। 27 जून को हारियान क्षेत्र पांच कोठी सराज के कारकूनों और देव प्रतिनिधियों के विशेष आग्रह पर उन्हें बहाल किया है। देवता के इस ऐतिहासिक फैसले से पांच कोठी सराज के लोगों में खुशी की लहर है।
अब गूर गनदेव 12 जुलाई को देव परंपरा के तहत जलाभिषेक (गाडू) के बाद गूर की गद्दी पर बैठेंगे। वीरवार को देवता के मंदिर बागी में करीब चार घंटे तक वार्ता का दौर चला। देव प्रतिनिधियों ने देवता के गूर को पूरी तरह हटाने या फिर से बहाल करने का फैसला श्रृंगा ऋषि पर छोड़ दिया। देव प्रतिनिधियों ने देव परंपरा के मुताबिक तीन पर्ची डाली, इसमें से पर्ची को देवता ने स्पर्श किया और इसे सार्वजनिक किया। इसमें गूर के बहाल करने के बारे में लिखा था। इस दौरान कोठी फतेहपुर, कोठी शिकारी, कोठी त्रिलोकपुर, कोठी खाड़ागाड़ सहित कोठी चैहनी के देवी-देवताओं के कारदारों, कारकूनों, देव प्रतिनिधियों और हारियानों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला देवी देवता कारदार संघ कुल्लू के महासचिव टीसी महंत, बंजार खंड के प्रधान सत्य देव नेगी, जिला प्रतिनिधि गोपी चंद चौहान, देवता श्रृंगा ऋषि के कारदार वीरेंद्र कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाद