देवभूमि कुल्लू के बशकोला गांव में महिलाओं ने चिलडू भोग चढ़ाकर देवता बलीराजा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस परंपरा को महिलाओं ने पारंपरिक बेशभूषा में निभाया। इस बार भी इस परंपरा सैकड़ों हारियान और श्रद्धालु साक्षी बने। बशकोला में वीरवार और शुक्रवार को देवता राजा के मंदिर परिसर में फागली उत्सव को धूमधाम से मनाया गया।
मंदिर में गूर द्वारा देवभार्था और देवता को महिलाओं द्वारा चिलडू पकवान भोग के रूप में चढ़ाने की परंपरा एक साथ निभाई गई। महिलाओं ने देवता को गेहूं के आटे के चिलडू बनाकर भोग चढ़ाया तो वहीं देवता ने गूर के माध्यम से महिलाओं को फूल और चावल का शेष देकर आशीर्वाद दिया।
देवता के कारदार प्रीतम सिंह ने बताया कि फागली उत्सव में देवता की सबसे बड़ी पूजा होती है। इस पर्व में महिलाएं देवता को चिलडू भोग के रूप में मंदिर पहुंचकर चढ़ाती हैं। फागली उत्सव के दौरान देवता के गूर बबलू ने देव खेल के माध्यम से गांव की सुख-शांति की भविष्यवाणी की है। इस फागली के मौके पर गांव की महिलाओं ने समूह नृत्य भी किया। जिसमें देवता के विशेष गीत प्रस्तुत किए गए।