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समय से पहले माता के दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु

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बंजार के सयोलसर में माता बूढ़ी नागिन माता का मंदिर। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। बर्फबारी के चलते बंद माता बूढ़ी नागिन मंदिर के कपाट इस बार बैसाख संक्रांति को खुलेंगे। श्रद्धालु पहले ही माता के दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए हैं। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों का भी यहां पहुंचना शुरू हो गया है। इस साल जाड़े में कम बर्फबारी के कारण जलोड़ी दर्रा से माता बूढ़ी नागिन की वास स्थली सरयोलसर को जाने वाला पांच किलोमीटर का लंबा ट्रैक खुल गया है। हालांकि माता के दर्शन के लिए यह रास्ता अमूमन बैसाख संक्रांति को भक्तों के लिए खुलता है। जलोड़ी दर्रा से पांच किलोमीटर की दूरी पर वास करने वाली माता बूढ़ी नागिन का धार्मिक एवं पर्यटन स्थल समुद्रतल से करीब 10500 फीट की ऊंचाई पर है।
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गर्मी के दिनों में माता का आशीर्वाद लेने और सरयोलसर झील के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। विदेशी सैलानी माता के दर्शन और यहां की मनोरम वादियों का लुत्फ उठाने के लिए पैदल पहुंचते हैं। माता के कारदार भागे राम राणा ने कहा कि इस सर्दी में बर्फबारी कम होने से श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना शुरू हो गया है। बैसाख संक्रांति से माता का कपाट देव परंपरा के अनुसार खोला जाएगा और पूजा अर्चना भी आरंभ होगी।
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